
रांची: झारखंड में एक बार फिर भीषण गर्मी ने दस्तक दी है। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में हीट वेव (लू) को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। ये चेतावनी 14 मई को जारी की गई है और इसके मुताबिक आने वाले दो दिनों तक गर्म हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। जिन जिलों में यलो अलर्ट लागू किया गया है, उनमें गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की मानें तो इन जिलों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है और गर्म हवाएं दिन में दोपहर के समय विशेष रूप से असर दिखाएंगी। इससे लोगों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
15 मई से बारिश की संभावना
इस बीच राहत की खबर यह है कि मौसम विभाग ने 15 मई से झारखंड के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। यह बारिश बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातीय दबाव के कारण हो सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के उत्तरी एवं मध्य क्षेत्रों में 15 से 17 मई तक गरज के साथ बारिश हो सकती है। इसके चलते तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को असहनीय गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलेगी।
हालांकि यह राहत ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 19 मई के बाद झारखंड में एक बार फिर से गर्मी का प्रकोप लौट सकता है। बारिश समाप्त होते ही आर्द्रता में वृद्धि और सूरज की तीव्रता के कारण तापमान फिर से 42-44 डिग्री तक पहुंच सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और तैयारी
हीट वेव को देखते हुए झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने भी जरूरी कदम उठाए हैं। सभी जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क किया गया है और हीट स्ट्रोक की दवाएं, ओआरएस घोल, बर्फ और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री पहले से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आम लोगों को लाउडस्पीकर और प्रचार वाहनों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं:
- अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें
- हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनें
- धूप में निकलने से बचें, या छाता/टोपी का प्रयोग करें
- बच्चों और बुजुर्गों को सीधे धूप में न निकलने दें
- आवश्यकता होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें
स्कूलों को लेकर दिशा-निर्देश संभव
इधर, शिक्षा विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि गर्मी और लू का असर इसी तरह जारी रहा, तो राज्य सरकार विद्यालयों के समय में परिवर्तन या अवकाश की घोषणा कर सकती है। पिछले वर्षों में भी राज्य सरकार ने मई-जून के दौरान हीट वेव के कारण स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया था।
जल संकट की आशंका भी बढ़ी
झारखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही जलस्तर गिर चुका है। लगातार बढ़ती गर्मी और लू के कारण कुएं और तालाब सूखने लगे हैं। यदि 15 मई से प्रस्तावित बारिश पर्याप्त नहीं हुई, तो आगामी दिनों में जल संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
झारखंड के 12 जिलों में जारी यलो अलर्ट चिंता का विषय जरूर है, लेकिन 15 मई से संभावित बारिश से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर इस मौसम संकट से निपटने के लिए सतर्क रहना होगा।
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