
रांची, सोमवार
एचईसी (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) के सप्लाई मजदूरों ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर अर्धनग्न होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में श्रमिक एचईसी मुख्यालय के सामने एकत्र हुए और घंटों तक नारेबाजी करते रहे।
मजदूरों की प्रमुख मांगों में सितंबर 2023 से जनवरी 2024 तक का बकाया वेतन, पुराने ठेका नियम की पुनर्बहाली, ईएसआई की चिकित्सा सुविधा को बहाल करना, कार्यस्थल पर सुरक्षा, और सम्मानजनक कार्यदिवस शामिल हैं। इन मुद्दों को लेकर श्रमिकों ने कई बार ज्ञापन भी सौंपा है तथा झारखंड के श्रम मंत्री, श्रम आयुक्त, स्थानीय सांसद और विधायक से भी मिल चुके हैं। बावजूद इसके एचईसी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि श्रमिकों की बार-बार की अपीलों के बावजूद उन्हें अनदेखा किया जा रहा है। उनका कहना था, “जब श्रम की गरिमा की कोई कद्र नहीं और वेतन के लिए दर-दर भटकना पड़े, तो अब चुप रहना संभव नहीं है।”
प्रदर्शन के दौरान कई बार माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस बल के साथ हल्की धक्का-मुक्की और नोकझोंक की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए मौके पर सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के मद्देनज़र मुख्य गेट के पास बेरिकेडिंग भी की गई थी।
सप्लाई मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बकाया वेतन के चलते मजदूरों के परिवार भुखमरी की कगार पर हैं और कई बच्चे स्कूल छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
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