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दिल्ली में हनी ट्रैप रैकेट का खुलासा, ISI के इशारे पर काम कर रहीं विदेशी लड़कियां

  • सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए होती थी फंसाने की साजिश, दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े हनी ट्रैप और जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट में शामिल विदेशी लड़कियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रही थीं। ये महिलाएं सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स जैसे टिंडर, इंस्टाग्राम, और फेसबुक के माध्यम से सरकारी अधिकारियों, सेना से जुड़े लोगों और निजी क्षेत्र के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं।

पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं का उद्देश्य केवल ब्लैकमेल कर पैसे वसूलना नहीं था, बल्कि इसके जरिए संवेदनशील सूचनाएं भी इकट्ठा की जा रही थीं, जो बाद में दुश्मन देशों तक पहुंचाई जाती थीं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस नेटवर्क का संचालन विदेशी सरगनाओं द्वारा किया जा रहा था, जो दुबई और पाकिस्तान से इन लड़कियों को निर्देश देते थे।

कैसे होता था फांसने का खेल

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बताया कि ये महिलाएं आकर्षक प्रोफाइल बनाकर पहले टारगेट की तलाश करती थीं। जैसे ही कोई शख्स इनके संपर्क में आता, ये लड़कियां भावनात्मक रूप से जुड़ने का नाटक करतीं और फिर वीडियो कॉल के जरिए अंतरंग बातचीत कर उसकी रिकॉर्डिंग करतीं। बाद में इन्हीं रिकॉर्डिंग्स और चैट्स को आधार बनाकर ब्लैकमेल किया जाता था।

कुछ मामलों में पीड़ितों से बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, और यहां तक कि गोपनीय दस्तावेज भी हासिल किए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इनमें से कई मामलों में पीड़ितों से लाखों रुपये की उगाही की गई और बदले में उन्हें डराया गया कि उनकी निजी बातें सार्वजनिक कर दी जाएंगी।

ISI से जुड़ते हैं तार

इस मामले की जांच कर रही टीम ने यह भी पाया कि इन लड़कियों के बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट ट्रेल पाकिस्तान और दुबई तक जाते हैं। कुछ संदिग्ध व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी की लोकेशन पाकिस्तान में मिली है। इसके साथ ही, कुछ संदिग्ध कॉल रिकॉर्डिंग्स भी दिल्ली पुलिस के हाथ लगी हैं, जिसमें संभावित तौर पर ISI एजेंट निर्देश देते सुने जा सकते हैं।

पुलिस को शक है कि यह केवल एक छोटा हिस्सा है और इस रैकेट का नेटवर्क देश के अन्य हिस्सों में भी फैला हुआ हो सकता है। जांच एजेंसियां अब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), और मिलिट्री इंटेलिजेंस के साथ मिलकर इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

अब तक की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने इस रैकेट से जुड़ी दो विदेशी महिलाओं को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है। इनके पास से कई फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई लोगों की निजी जानकारियों से जुड़े डिजिटल डेटा बरामद किए गए हैं।

इसके अलावा, पुलिस ने सोशल मीडिया कंपनियों और मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों से भी जानकारी मांगी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि और कितने लोग इस जाल में फंसे हैं या हो सकते हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी

इस खुलासे के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। खासतौर पर सेना और सरकारी विभागों में साइबर सतर्कता बढ़ाई गई है और अधिकारियों को अनजान सोशल मीडिया अकाउंट्स से दूरी बनाने की सख्त हिदायत दी गई है।

यह मामला केवल साइबर अपराध का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर खतरा बनकर सामने आया है। इस रैकेट का भंडाफोड़ करके दिल्ली पुलिस ने न सिर्फ एक आपराधिक गिरोह को उजागर किया, बल्कि संभावित सुरक्षा खतरे को भी समय रहते रोक लिया है।

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