
झारखंड में एक बार फिर से मौसम ने करवट ली है और इस बार यह करवट गर्मी के तेवरों को और भी तीखा करने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में 10 मई से हीट वेव यानी लू चलने की संभावना है। खासकर राज्य के उत्तरी और पूर्वी जिलों में तापमान में तेज़ वृद्धि देखी जाएगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल राज्य में मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 मई को पूरे झारखंड में आसमान साफ रहेगा और तेज़ धूप लोगों को परेशान करेगी। हालांकि, असली गर्मी का प्रभाव 10 मई से शुरू होगा, जब कई जिलों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। इससे पहले भी अप्रैल महीने में झारखंड में कई बार तापमान 40 डिग्री से ऊपर गया था, लेकिन अब मई की तपिश और लू की स्थिति को और ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।
मौसम विभाग ने जो अलर्ट जारी किया है, उसमें देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जैसे जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में सुबह से ही तेज़ धूप और लू जैसे हालात बन सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। साथ ही, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने और धूप में सिर ढक कर निकलने की हिदायत दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लू के हालात इसलिए भी बन रहे हैं क्योंकि बंगाल की खाड़ी से नमी आनी बंद हो गई है और उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं पूरे राज्य पर प्रभाव डाल रही हैं। इससे तापमान में अचानक वृद्धि हो रही है और गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे।
मौसम विभाग के रांची स्थित केंद्र के मुताबिक, यह स्थिति अगले 4-5 दिनों तक बनी रह सकती है। लू से प्रभावित जिलों में स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन इकाई भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश तैयार कर रही है, जिससे किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटा जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि बिजली और पानी की आपूर्ति में बाधा होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। जिला प्रशासन को भी चेतावनी जारी की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों को सक्रिय रखें और लू से संबंधित इलाज के लिए व्यवस्था करें।
झारखंड में हर साल मई-जून के महीने में गर्मी अपने चरम पर होती है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण के बढ़ते प्रभाव के कारण गर्मी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस बीच, आम लोगों से यह अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और लू से बचने के लिए आवश्यक एहतियात बरतें। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष ध्यान में रखा जाए।
झारखंड में आगामी दिनों में मौसम की मार झेलने के लिए सभी को तैयार रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, अपडेट जारी किए जाएंगे।
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