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‘जाट’ फिल्म रिव्यू: गदर 2 के बाद सनी देओल की दमदार वापसी, एक्शन और इमोशन का तगड़ा मिश्रण

गदर 2 की ऐतिहासिक सफलता के बाद बॉलीवुड के एक्शन किंग सनी देओल एक बार फिर धमाकेदार अंदाज़ में बड़े पर्दे पर लौटे हैं अपनी नई फिल्म ‘जाट’ के साथ। दो साल के लंबे इंतज़ार के बाद आई इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ट्रेलर रिलीज़ के वक्त से ही यह साफ हो गया था कि ‘जाट’ एक बार फिर से सनी देओल की क्लासिक एक्शन और दमदार संवादों वाली फिल्मों की फेहरिस्त में शामिल होगी। आइए जानते हैं कि क्या वाकई ‘जाट’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है या नहीं।

कहानी में दम है?

फिल्म की कहानी हरियाणा के एक सख्त लेकिन न्यायप्रिय किसान वीर सिंह जाट (सनी देओल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने गांव और परिवार की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। फिल्म में गांव की ज़मीन हड़पने की कोशिश कर रहे बाहरी माफियाओं और भ्रष्ट सिस्टम से जंग की कहानी दिखाई गई है। वीर सिंह न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव की अस्मिता के लिए खड़ा होता है।

कहानी में इमोशन, एक्शन और ग्रामीण भारत की महक है, जो दर्शकों को बांधने में सफल होती है। हालाँकि कहानी कुछ हिस्सों में प्रेडिक्टेबल लगती है, लेकिन सनी देओल का ज़ोरदार अंदाज़ इन कमियों को ढक देता है।

सनी देओल की दमदार परफॉर्मेंस

सनी देओल एक बार फिर अपने पुराने रंग में नजर आते हैं। उनकी आंखों की आग, भारी भरकम डायलॉग्स और एक्शन सीक्वेंस फिल्म का सबसे बड़ा यूएसपी हैं। उन्होंने अपने किरदार में गहराई और गुस्से को बखूबी दिखाया है। खासकर कोर्टरूम सीन और क्लाइमैक्स में उनका अंदाज़ देख दर्शकों की तालियां रुकती नहीं।

उनकी लाइन – “जाट झुकता नहीं, तोड़ता है!” – थिएटर में सीटियां और तालियों की गूंज ला देती है, जो पुराने सनी देओल के फैंस को खासा संतुष्ट करती है।

सपोर्टिंग कास्ट और निर्देशन

फिल्म में मुख्य अभिनेत्री के रूप में भूमिका निभा रही हैं तन्वी आज़मी, जो वीर सिंह की पत्नी के किरदार में मजबूती से उभरी हैं। इसके अलावा फिल्म में रणदीप हुड्डा ने निगेटिव रोल में खास छाप छोड़ी है।

निर्देशक आनंद कुमार ने फिल्म को मसाला फिल्मों की शैली में पेश किया है, जिसमें देशभक्ति, पारिवारिक भावना और सामाजिक संदेश का मेल है। लोकेशंस और बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म को मजबूत बनाते हैं।

संगीत और तकनीकी पक्ष

फिल्म का संगीत लोक धुनों से भरपूर है, जो हरियाणवी संस्कृति को जीवंत करता है। एक दो गाने कहानी की रफ्तार धीमी कर देते हैं, लेकिन कुल मिलाकर गानों का चुनाव अच्छा है। एक्शन सीन खास तौर पर डिजाइन किए गए हैं, जिसमें देसी स्टाइल के पंच और चप्पल से मारना जैसी पुरानी यादें ताज़ा हो जाती हैं।

दर्शकों की प्रतिक्रिया

फिल्म रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर #JaatRocks और #SunnyDeol ट्रेंड करने लगे। पहले दिन की ऑडियंस रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंगल स्क्रीन थिएटर्स में फिल्म को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। खासकर उत्तर भारत में फिल्म की धाक देखने को मिल रही है। दर्शकों का कहना है कि यह फिल्म उन्हें ‘गदर’ और ‘घायल’ के ज़माने की याद दिलाती है।

‘जाट’ सनी देओल के लिए एक और विजयी वापसी साबित होती है। फिल्म में भले ही कुछ कमज़ोर पहलू हों, लेकिन एक्शन, संवाद और भावनात्मक दृश्यों के दम पर यह दर्शकों का दिल जीत लेती है। जो दर्शक देसी अंदाज़ की फिल्में पसंद करते हैं, उनके लिए यह मूवी किसी ट्रीट से कम नहीं।

रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐ (4/5)
अगर आप सनी देओल के फैन हैं और असली देसी एक्शन के दीवाने हैं, तो ‘जाट’ आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगी।

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